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यूरिन कलà¥à¤šà¤° (Urine culture) टेसà¥à¤Ÿ कà¥à¤¯à¤¾ है, कैसे होता है?
जिस तरह से पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण बढ़ रहा है और खानों में मिलावट हो रहा है और फासà¥à¤Ÿ फूड का चलन जितनी तेजी से बढ़ रहा है इससे लोगों के सेहत में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ असर पड़ रहा है हम लोगों को आठदिन नà¤-नठबीमारियों का सामना करना पड़ता है।
पर सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि आज हमारा मेडिकल sector बहà¥à¤¤ ही तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आज हमारे पास कई à¤à¤¸à¥‡ टेसà¥à¤Ÿ है जिसके जरिठहम बहà¥à¤¤ सारी बीमारियों का पता लगा लेते।
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ जब à¤à¥€ हम डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाते हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° हमें blood test और urine test कराने बोलते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि test से ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° हमारी बीमारियों का पता लगाते हैं। यूरिन टेसà¥à¤Ÿ कई सारी बीमारियों का पता लगाने में बहà¥à¤¤ ही सकà¥à¤·à¤® होता है इसीलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° यूरीन टेसà¥à¤Ÿ को à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ prefer करते हैं।
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ urine test कई तरह के होते हैं।urine test के अलग-अलग तरीकों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके अलग-अलग बीमारियों का पता लगाया जाता है।
आज मैं आपको इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में यूरिन टेसà¥à¤Ÿ के à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ टेसà¥à¤Ÿ के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताऊंगा।
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ आज हम urine culture test से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सारी जानकारी को जानेंगे इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में आपको इस टेसà¥à¤Ÿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित जानकारियों को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताऊंगा।
यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
Urine culture test kya Hota hai – अगर आप à¤à¥€ यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ के बारे में जानना चाहते हैं हमारे इस पोसà¥à¤Ÿ को पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से पढ़िà¤à¤—ा।
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ à¤à¤• यूरिन टेसà¥à¤Ÿ है जिसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हम लोग यूरिन में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता लगाने के लिठकरते हैं।
Urine culture test के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ यह पता लगाया जाता है कि आपके पेशाब में किसी तरह की परेशानी तो नहीं है यह आपके पेशाब करने के रासà¥à¤¤à¥‡ में किसी तरह का इंफेकà¥à¤¶à¤¨ जैसे कि fungus,microrgnism,virus का पता लगाता है।
यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ का मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ है कि urine में पाठजाने वाले exact infection का पता लगाता है।
infection type का पता लग जाने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° डॉ आपके लिठसही à¤à¤‚टीबॉडी की दवाई लिखता है ताकि आपका अचà¥à¤›à¥‡ से इलाज हो सके।
इस टेसà¥à¤Ÿ में आपके पेशाब को पैथोलॉजी में रखा जाता है और उसके बाद आपके urine में पाठजाने वाले microorganism को examine करते हैं और इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का पता लगाते हैं।
यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ किया जाता है?
Urine culture test kyu kiya jata hai – दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ अब à¤à¤• सवाल आपके मन में होगा कि यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ किया जाता है? urine culture test टेसà¥à¤Ÿ को तब किया जाता है जब आप के पेशाब में किसी तरह का इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होता है यह आपके पेशाब में जलन होता है।
अगर आपको पेशाब करने में दरà¥à¤¦ हो रहा है या जलन हो रहा है आपके पेशाब में किसी तरह का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ जरूर है।
अगर आप के पेशाब में जलन हो रही है और किसी तरह की परेशानी हो रही है। तो आपका urine टेसà¥à¤Ÿ कराया जाता है और अगर आप के यूरिन टेसà¥à¤Ÿ में plus cell जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आता है तब आपका यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ कराया जाता है।
अगर मरीज किसी à¤à¥€ तरह का à¤à¤‚टीबायोटिक दवाई आ रहा है और उसे आराम नहीं मिल रहा है और कई तरीके परेशानी हो रही है तब à¤à¥€ यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ को कराया जाता है।
अगर आपको बहà¥à¤¤ अधिक ठंड लग रहा है और आप की दवाइयां काम नहीं कर रही हैं तब हो सकता कà¥à¤¯à¤¾ आप के पेशाब में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो और उसे इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का पता लगाने के लिठयूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ को किया जाता है।
यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ कैसे करें?
Urine culture test kaise kare – दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ अब हम यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ कैसे करें इसके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानेंगे।
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ culture को आसान à¤à¤¾à¤·à¤¾ में समà¤à¥‡ तो इसका मतलब होता है कि किसी à¤à¥€ microorganism को grow करना और उसके बारे में पता करना।
इस टेसà¥à¤Ÿ को करने के लिठपैथोलॉजी में सबसे पहले आपके यूरीन सैंपल को à¤à¤• साफ कंटेनर में 3ml यूरिन देना होता है। आप घर के कंटेनर में यूरिन सैंपल को नहीं जमा कर सकते हैं।
यूरीन सैंपल को जमा करने का à¤à¥€ दो तरीका है पहला तरीका midstream clean catch Temple और दूसरा तरीका catheter डालकर यूरीन सैंपल को कलेकà¥à¤Ÿ करना।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के 2-4 drop और अंतिम के डà¥à¤°à¥‰à¤ª को छोड़कर बीच के यूरिन को कलेकà¥à¤Ÿ किया जाता है।
आप कोई à¤à¥€ à¤à¤‚टीबायोटिक खाने के बाद urine sample को ना दें।
इस टेसà¥à¤Ÿ को करने के लिठआपको विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के उपकरणों की जरूरत होती है जैसे कि
इन उपकरणों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ को किया जाता है।
यूरिन को कलेकà¥à¤Ÿ करने के बाद आपको इसे 24 या 48 घंटे के लिठपैथोलॉजी में रखा जाता है और urine को examine किया जाता है अगर microorganism का growth पाया जाता है।
तो फिर आपका यूरिन microorganism से infected है।
अगर आपके urine में bacterial growth पाया जाता है तो फिर gramm scanning की जाती है।
Gramm scanning के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का nature का पता लगाया जाता है।
bacteria का nature पता लगने के बाद उसे drug sensitive plate में लगाया जाता है।
इसके बाद उस सैंपल को कलà¥à¤šà¤° पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में रखा जाता है। कलà¥à¤šà¤° पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में सैंपल रखने के बाद फिर से से 48 घंटे के लिठरखा जाता है और फिर उसके बाद उस सैंपल को examine किया जाता है।
सबसे आखिरी चरण में आपके डà¥à¤°à¤— का टेसà¥à¤Ÿ किया जाता है अगर वह डà¥à¤°à¤— आपके बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठसेंसिटिव होती है तो वह उस sample plate के आसपास की सारी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® कर देती है।
इस चरण में अलग-अलग दवाइयों और डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके देखा जाता है जिस डà¥à¤°à¥‡à¤¸ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का खातà¥à¤®à¤¾ होता उसी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आपके यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को खतà¥à¤® करने के लिठकिया जाता है।
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